Search News Posts

  • General Inquiries :- +91-9799213697

  • Support :- +91-9509559668

॥ संस्कृतभारतम् ॥

॥ ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

  • आचार्य दण्डी और काव्यादर्श...

    आचार्य दण्डी और काव्यादर्श डा....

    आचार्य दण्डी और काव्यादर्श डा. राकेश कुमार जैन संस्कृत साहित्यशास्त्र के इतिहास में आचार्य दण्डी का विशेष महत्त्व है । [...]

    Read More »
    आचार्य दण्डी और काव्यादर्श
  • आचार्य भामह एवं उनका...

      आचार्य भामह एवं उनका...

      आचार्य भामह एवं उनका काव्यालङ्कार डा.राकेश कुमार जैन ‘साहित्याचार्य ’ संस्कृत साहित्यशास्त्र प्रणेताओं में आचार्य भामह का स्थान अत्यन्त [...]

    Read More »
    आचार्य भामह एवं उनका काव्यालङ्कार
  • गंगा-यमुना को मनुष्य मानने...

    हाल ही में नैनीताल हाईकोर्ट...

    हाल ही में नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा नदी को देश की पहली जीवित इकाई के रूप में मान्यता दी है [...]

    Read More »
  • पुराणानि...

    ...

    [...]

    Read More »
    पुराणानि
  • अभिज्ञानशाकुन्तलम्...

    || अभिज्ञानशाकुन्तलम् || अभिज्ञान शाकुन्तलम्...

    || अभिज्ञानशाकुन्तलम् || अभिज्ञान शाकुन्तलम् महाकवि कालिदासेन विरचितमेकं बहु प्रसिद्धं नाटकम् अस्ति। अस्य नाटकस्य नायकः दुष्यन्तः नायिका शकुन्तला चास्ति। दुष्यन्तः [...]

    Read More »
    अभिज्ञानशाकुन्तलम्
  • न्यायसूत्र ...

    ​न्यायसूत्र भारतीय दर्शन का प्राचीन ग्रन्थ है।...

    ​न्यायसूत्र भारतीय दर्शन का प्राचीन ग्रन्थ है। इसके रचयिताअक्षपाद गौतम हैं। यह न्यायदर्शन का सबसे प्राचीन रचना है। न्यायसूत्र के रचनाकाल के विषय में विद्वानों [...]

    Read More »
    न्यायसूत्र 
  • संस्कृतभारतम्...

    ...

    [...]

    Read More »
    संस्कृतभारतम्

संस्कृत व्याकरण

संस्कृत में व्याकरण की परम्परा बहुत प्राचीन है। संस्कृत भाषा को शुद्ध रूप में जानने के लिए व्याकरण शास्त्र का अधययन किया जाता है।

संस्कृत साहित्य

संस्कृत भाषा का साहित्य अनेक अमूल्य ग्रंथरत्नों का सागर है, इतना समृद्ध साहित्य किसी भी दूसरी प्राचीन भाषा का नहीं है और न ही किसी अन्य भाषा की परम्परा अविच्छिन्न प्रवाह के रूप में इतने दीर्घ काल तक रहने पाई है।

ज्योतिष

ज्‍योतिष विषय वेदों जितना ही प्राचीन है। प्राचीन काल में ग्रह, नक्षत्र और अन्‍य खगोलीय पिण्‍डों का अध्‍ययन करने के विषय को ही ज्‍योतिष कहा गया था।

Latest News

1

 “Sudharma” is Sanskrit daily newspaper in the world.

stat_icon

2

Sanskrit is the only unambiguous language

stat_icon

3

It makes use of 49 types of sounds in pronunciation.

stat_icon

॥ संस्कृतस्य माहात्म्यम् ॥

संस्कृत देवभाषा है। यह सभी भाषाओँ की जननी है। विश्व की समस्त भाषाएँ इसी के गर्भ से उद्भूत हुई है। वेदों की रचना इसी भाषा में होने के कारण इसे वैदिक भाषा भी कहते हैं। संस्कृत भाषा का प्रथम काव्य-ग्रन्थ ऋग्वेद को माना जाता है। ऋग्वेद को आदिग्रन्थ भी कहा जाता है। किसी भी भाषा के उद्भव के बाद इतनी दिव्या एवं अलौकिक कृति का सृजन कहीं दृष्टिगोचर नहीं होता है।ऋग्वेद की ऋचाओं में संस्कृत भाषा का लालित्य, व्याकरण, व्याकरण, छंद, सौंदर्य, अलंकर अद्भुत एवं आश्चर्यजनक है। दिव्य ज्ञान का यह विश्वकोश संस्कृत की समृद्धि का परिणाम है। यह भाषा अपनी दिव्य एवं दैवीय विशेषताओं के कारण आज भही उतनी ही प्रासंगिक एवं जीवंत है।

Quote of the Day

श्रद्धावाल्लँभते ज्ञानं तत्परः संयतेंद्रियः। ज्ञानं लब्ध्वा परां शांतिमचिरेणाधिगच्छति॥

The faithful one, attentively focused, who has conquered the senses, achieves transcendental knowledge and having achieved transcendental knowledge, quickly attains supreme peace.

avatar

Shreemad Bhagawad Geeta Chapter 4 Verse 39

Our Team

Our team is responsible for website maintenance and authorized data posting on portal.

Sanskrit History

Computer

Sanskrit is one of the most suitable languages for the computers. It is considered to be very efficient in making algorithms. In a report given by a NASA scientist, it is said that the USA is creating the 6th and 7th generation Super Computers based on the Sanskrit language.

Past

A total of 17 countries including the US have Universities that are dedicated completely to Sanskrit and their sole purpose is research on the subject. There is a separate department in NASA as well to conduct research on the language of Sanskrit.

Synonyms

There are numerous synonyms for each word in the language of Sanskrit. For instance, a simple word like the elephant has about a hundred synonyms. English has only one word for love, Sanskrit has 96.

Brain!

Research suggests that learning of Sanskrit improves brain functioning. Students improve academically; they get better marks in subjects like Mathematics and Science which some people find difficult. It is because Sanskrit enhances memory power.

error: Content is protected !!